तेरा ही नशा है




पैमाना भर दो कि,
मुझके नशे में होना है,
होश न रहे बाकी कि,
जीना है कि मरना है,

नशे में डूब के जरा,
देख लूं मैं भी,
साकी करम कर दो कि,
इसी तरह जीना है,

हाल इतना बुरा बने,
दुनियादारी का रहे न होश,
दुनियावी बातों से अब तो,
बाहर मुझे निकलना है,

जो कोई रोके तो,
दरवाजा बंद कर लो,
तुझ पर ही आसरा हूं,
हरसत ये पूरी कर दो

बड़ी मस्त जिंदगी अब ,
लगने लगी है देखो,
सच है बड़ा जोशीला समां,
तेरे नशे में आके देखो,

जाम ये शराब नहीं,
तेरे साथ का है नशा,
इसे नशे में खोकर,
मैं क्या से क्या हुई भला।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

पीरियड के दौरान एक दिन की पेड लीव..........वॉओ या नो-नो!!!!!

जय हो माता निर्मला देवी !

हिमानिका -पहला भाग