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हम ऐसे जिए कि

न मांगी जिन्दगी हमने,
न फूलों का कोई रास्ता,
न चांदनी की रात और,
न ही बहारो की कोई सुबह,
हर बार किस्मत ने दिया,
वो मान लिया दिल से,
न कोई शिकायत की,
न कोई गिला किया,
दिल में छुपाया वो ,
जो भी दिल में था,
एक पल को भी दर्द ,
चेहरे पर आने न दिया,
जिए ऐसे दिलवाले की,
ज़माने को भी,
झुका कर पीछे किया .
और अब तो ख्वाहिश है कि ,
जिन्दगी यूं ही कट जाये ,
कोए भी शिकायत आये तो ,
मरने के बाद आये.