मंजिल तो मिलेगी ही

जो आया है उसे देखा;
आने वाला भी देखेगे
हर एक पर्वत को बिलकुल,
तिनके कि तरह कर देगे.
कर सके फ़ना हमको,
ज़माने में इतना बल नहीं;
हर एक सवाल का बेधडक जवाब,
हम उसको दे देगे .
वादा तो नहीं कर सकते,
उम्मीद तो है ही .
आने वाले बवंडर को ,
हवा का झोंका कर देगे.
लाख दुश्मन बने जमाना,
खुद तय मंजिल का सफ़र कर लेगे.
 

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